Posts

Showing posts from May, 2020

अस्तित्व (CHP-2)(Trap of boogieman)

Astitva (Hind)  Chapter 2 - Trap of boogieman शाम का वक्त था, एक प्यारा सा बच्चा सोफे पे बैठा टीवी देख रहा था। एक औरत किचेन से बाहर आकर से बोली,  " "जय" कल तुम्हारा जन्म दिन है ना? अब तुम पूरे 7 साल के हो गए हो।" छोटा जय दौड़ के उस औरत के पास आया और प्यारी सी मुस्कान के साथ बोला, "आप मेरे लिए नए कपड़े लाई?" घर का माहौल पूरा बदल गया जब घर के ओर बढ़ते हुए पैरो की आवाज आने लगी।  "उस बच्चे को हमें देदो "  दरवाजे को तेजी से पीटते हुए आवाज आती है। वो औरत काफी डर गई और जय को पकड़ लेती हैं और पीछे के दरवाजे की तरफ जय को ले जाते हुए बोली,  " अब आगे का सफर तुम्हे अकेले ही तय करना होगा, भागो रुकना मत जब तक तुम सुरक्षित जगह पे नहीं पहुंच जाते, भागो!!!"    जय काफी डर गया और बाहर बड़ी तेजी से भागता है।  भागते भागते जब जय मुड़ के घर की तरफ देखता है ,तभी उसे काफी तेजी से गोली की आवाज आती है और जय अपने बुरे सपने से उठ जाता है।  आंख खुलते ही निकिता उसके बिस्तर के सामने खड़ी रहती है और जय से बोलती है,   "तुम हमेशा सपने में इतना ही चिल्लाते हो?" ...

असितित्वा (astitva)

Astitva (Hind)   Chapter 1 - Intro of devil  एक अनाथालय में कई बच्चे रहते है । सब बच्चे एक से बढ़कर एक ,जो ये सपना देखते है कि एक दिन कोई आएगा उनको अपने घर और दिल में जगह देगा । जो भी बच्चा गोद लेने आता है ,वो एक स्वस्थ बच्चे की चाह रखता है इसलिए उन बच्चो को कोई अपने घर नहीं ले जाता जो शारिरिक या मानसिक तौर पर कमजोर होते है । 15 साल के जय जिसकी तरफ कोई देखता भी नहीं घर लेजाना तो दूर की बात है क्योंकि वो हमेशा सांत बैठा रहता है , जय किसी से बात नहीं करता , उसका कोई दोस्त नहीं था।  एक पुलिस का काम सबकी सुरक्षा करना होता है पर कुछ लोग पुलिस की ताकत का अपने फायदे के लिए इस्तमाल करते है। मितेश गावड़कर एक करप्ट ऑफिसर है जो पैसों के लिए कुछ भी कर सकता है। उसने अपनी पोस्ट भी घूस देकर हासिल की थी इसलिए वो अपनी पोस्ट की कोई इज्जत भी नहीं करता । उसका तबादला हाल ही में मुंबई में हुआ है। जय जिस अनाथालय में रहता था वो ज्यादा बड़ा नहीं था । इसलिए वहां ज्यादा लोग नहीं आते थे। वहां पे फंड की भी काफी समस्या होती थी । पैसे ना होने के कारण वहां बच्चे बड़ी मुश्किल से अपना गुजारा करते थे। वहां...